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इंदौर में स्वाइन फ्लू से मरने वाले मरीजों की संख्या 19 हुई

इंदौर/भोपाल: स्वाइन फ्लू के दो मरीजों की स्थानीय अस्पताल में इलाज के दौरान मौत होने के बाद यहां नये साल में एच1एन1 वायरस के संक्रमण से दम तोड़ने वाले मरीजों की तादाद बढ़कर 19 पर पहुंच गयी।
प्राइवेट अस्पतालों में भी होगा अब स्वाइन फ्लू का इलाज

प्राइवेट अस्पतालों में सरकारी सुविधाओं की फीस नहीं

भोपाल में दो और मौतें – मुख्यमंत्री ने संभाला मोर्चा, जेपी-हमीदिया का दौरा किया

शासकीय महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजय दीक्षित ने आज ‘पीटीआई.भाषा’ को बताया कि शहर के एक निजी अस्पताल में स्वाइन फ्लू के इलाज के दौरान 38 वर्षीय पुरष और 48 वर्षीय पुरष की कल मौत हो गयी.

उन्होंने बताया कि दोनों मरीजों के स्वाब नमूनों की जांच रिपोर्ट आज आयी, जिसमें पुष्टि हुई कि वे एच1एन1 वायरस से संक्रमित थे।

दीक्षित ने बताया कि एक जनवरी से लेकर अब तक यहां 58 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई. इनमें से 19 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गयी, जबकि करीब 10 मरीजों की हालत में सुधार के बाद उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दे दी गयी।

स्वाइन फ्लू को लेकर शिवराज ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री से बात की

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि स्वाइन फ्लू के उपचार के लिये अधिकृत अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ‘टेमी फ्लू’ की दवा उपलब्ध करवायी जाये।

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश आज मंत्रालय में स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण के लिये गठित समन्वय समिति की बैठक में दिये। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता के संबंध में बैठक से ही केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा से भी बात की।

चौहान ने कहा कि अधिकृत अस्पतालों में स्वाइन फ्लू के इलाज के लिये आने वाले हर मरीज के लिये पुख्ता व्यवस्था हो, यदि मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखायी दें तो तत्काल उपचार प्रारंभ करें।

उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू से निपटने के लिये निजी और शासकीय अस्पताल मिलकर एक टीम के रूप में काम करें। मानवीय दृष्टिकोण से काम करें और मिलकर स्थिति पर नियंत्रण रखें।

उन्होंने कहा कि मरीजों के नमूने के परिणाम सीधे संबंधित अस्पतालों को भेजे जायें। अस्पतालों में दवाइयों का निर्धारित मात्रा में भंडारण रहे। स्वाइन फ्लू के उपचार की प्रतिदिन समीक्षा की जाये और उपचार में लगे अस्पतालों के स्टाफ को किट और मास्क उपलब्ध करवाये जायें।

बैठक में बताया गया कि स्वाइन फ्लू के उपचार के लिये अधिकृत अस्पतालों में ‘टेमी फ्लू’ दवा पर्याप्त मात्रा में रखवायी जा रही है। सभी अधिकृत केंद्रों पर आने वाले मरीजों का परीक्षण किया जा रहा है।
स्वाइन फ्लू से भोपाल में पिछले चौबीस घंटे के दौरान दो महिलाओं की मौत हुई। शाहजहांनाबाद निवासी 28 वर्षीय जेबा खान को डिलीवरी के लिए पांच दिन पहले सुल्तानिया जनाना अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
सर्दी-खांसी की शिकायत होने पर उसकी स्वाइन फ्लू की जांच कराई गई थी। उसे इलाज के लिए हमीदिया अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। वहां बीती रात उसकी मौत हो गई। स्वाइन फ्लू से दूसरी महिला की मौत बुधवार शाम को हुई। आरएमआरसीटी से उसकी पॉजिटिव रिपोर्ट सोमवार को आई थी। मंगलवार को 25 संदिग्ध मरीजों के नमूने जांच के लिए आरएमआरसीटी भेजे गए थे। इनमें से 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अफसरों के मुताबिक पॉजिटिव आए सभी मरीजों की हालत स्थिर है।
लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी सरकार ने
21जनवरी को सरकार ने प्राइवेट अस्पतालों से स्वाइन फ्लू के मरीजों का इलाज करने और उन्हें जेपी या हमीदिया अस्पताल भेजने काे कहा था। साथ ही हॉस्पिटल प्रबंधन को फ्लू से किसी भी मरीज की मौत अथवा उसकी रिपोर्ट लीक करने पर अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद प्राइवेट अस्पतालों ने मरीज भर्ती करना बंद कर दिया था।
स्वास्थ्यमंत्री और प्रमुख सचिव के बीच तीखी नोकझोंक

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