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Profitable Farming, सफलता की कहानी – महिला स्व.सहायता समूह मध्यप्रदेश का पहला कस्टम हायरिंग सेंटर

Profitable Farming, सफलता की कहानी
Profitable Farming, सफलता की कहानी

कृषि यंत्रीकरण

कृषि प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई

कस्टम हायरिंग सेंटर योजना प्रदेश

में काफी प्रसिद्ध हो रही है।
अच्छी गुणवत्ता और आधुनिक कृषि यंत्र किसानों को मामूली किराये पर उपलब्ध कराना चुनौती है।

वहीं ऐसे व्यक्तियों का चयन भी कठिन कार्य है जो इन केन्द्रों को सफलतापूर्वक चला सकें।

Profitable Farming, सफलता की कहानी – भोपाल संभाग

रायसेन जिले में स्व-सहायता समूह की सदस्य महिलाओं ने इस चुनौती को स्वीकार किया।

कृषि विभाग के कस्टम हायरिंग सेंटर को गैरतगंज जनपद के आदर्श ग्राम हरदौट में स्व-सहायता समूह की महिलायें सफलतापूर्वक चला रही हैं।

यह प्रदेश का पहला ऐसा कस्टम हायरिंग सेंटर है जिसे महिला स्व-सहायता समूह द्वारा चलाया जा रहा है।
समूह में 12 महिला सदस्य हैं।

कस्टम हायरिंग सेंटर

कृषि विभाग द्वारा चलाए जाने वाले कस्टम हायरिंग सेंटर को जिले के स्व-सहायता समूह की महिलाएं चला रही हैं।

यह प्रदेश में पहला ऐसा कस्टम हायरिंग केन्द्र है जिसे महिला स्व.सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है।

कृषि विभाग के कस्टम हायरिंग सेंटर को गैरतगंज जनपद के आदर्श ग्राम हरदौट के महिला स्व.सहायता समूह को सौंपा गया है।

समूह के पास ट्रेक्टर, थ्रेसर, कल्टीवेटर,सीड ड्रील मशीन, हैरो, रोटावेटर, प्लाऊ तथा सीड ड्रील उपकरण हैं।

इन्हें स्व.सहायता समूह की महिलाएं किराए पर चला रही हैं।

उपकरण

यह कस्टम हायरिंग केन्द्र माह जून 2017 में गैरतगंज विकासखण्ड के ग्राम हरदौट की जानकी स्व.सहायता समूह को सौंपा गया है।

आमदानी

इस केन्द्र के कृषि उपकरणों को इस महिला स्व.सहायता समूह द्वारा सफलतापूर्वक शासन द्वारा निर्धारित दर पर किराए पर चलाया जा रहा है।
पिछले सीजन में समूह को 70 हजार रूपए की आमदानी हुई थी।

इन महिलाओं के लिए आमदानी का एक अतिरिक्त साधन प्राप्त होने से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

इनकी सफलता को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के अन्य कस्टम हायरिंग केन्द्रों को भी महिला स्व.सहायता समूह के द्वारा संचालित करने पर विचार किया जा रहा है।

महिला स्व.सहायता समूह

रक्षा बाई, भागवती बाई, ममता बाई, ललिता बाई तथा शांति बाई

सहित अन्य महिलाओं ने बताया कि आमदानी का एक अतिरिक्त साधन प्राप्त होने से उनकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ हो रही है।

सफलता

इनकी सफलता को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जिले के अन्य कस्टम हायरिंग केन्द्रों को भी महिला स्व.सहायता समूह के द्वारा संचालित करने पर विचार किया जा रहा है।

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