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बाढ़ वाले गणेश मंदिर में प्रतिमा की स्थापना प्रदेश में मंदिर प्रबंध संस्थान का गठन होगा-मुख्यमंत्री श्री चौहान

बाढ़ वाले गणेश मंदिर में प्रतिमा की स्थापना प्रदेश में मंदिर प्रबंध संस्थान का गठन होगा-मुख्यमंत्री श्री चौहान

विदिशा- मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान अपनी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह के साथ आज विदिशा में बेतवा नदी के तट पर स्थित बाढ़ वाले गणेश मंदिर में विघ्‍ननाशक भगवान श्री गणेश की धार्मिक विधि विधान से स्थापना की गई। करीब साढे सात घंटे तक आचार्य पंडित श्री राम शास्त्री लोकरे एवं धर्माचार्य पंडित श्री विष्णुप्रसाद शास्त्री के नेतृत्व में 15 पुजारियों द्वारा मंत्रोउचारण और विधिविधान, यज्ञ हवन आहूति दी। ज्ञातव्य हो कि मकराना राजस्थान से लाई गई मार्बल की भव्य गणेश प्रतिमा का बाढ़ वाले गणेश मंदिर में स्थापना की गई है।
इस अवसर पर जिले के प्रभारी मंत्री श्री रामपाल सिंह राजपूत, विधायक शमशाबाद श्री सूर्यप्रकाश मीणा, कुरवाई विधायक श्री वीर सिंह पंवार, विदिशा विधायक श्री कल्याण सिंह दांगी, जनपदो के अध्यक्ष सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण के अलावा मुख्यमंत्री तथा विमानन विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री एसके मिश्रा, जनसम्पर्क आयुक्त श्री राकेश श्रीवास्तव भोपाल संभागायुक्त श्री एसबी सिंह, भोपाल संभाग डीआईजी श्री आरएल प्रजापति, विदिशा कलेक्टर श्री एमबी ओझा, रायसेन कलेक्टर श्री जेके जैन, राजगढ़ कलेक्टर श्री आनंद कुमार शर्मा, सागर कलेक्टर श्री योगेन्द्र शर्मा के अलावा गणमान्य नागरिक मौजूद थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने धर्मपत्नी सहित यज्ञ हवन में आहूतियां दी। वही आचार्य द्वारा किए जा रहे मंत्रोपचारण को दोहराया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कन्याओं को भोज कराने के पूर्व विदिशा की जीवनदायिनी मां बेतवा नदी की पूजा अर्चना की, वही गायो को पूडी सब्जी, मिष्ठान भी खिलाया।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पत्रकारो से हुई चर्चा में कहा कि….

मध्यप्रदेश में मंदिर प्रबंधन संस्थान की स्थापना इसी वर्ष राजधानी में की जाएगी। इसके पीछे मंशा को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश के मठ मंदिरो की और अधिक बेहतर व्यवस्था करने के उद्देश्य से उक्त प्रबंध संस्थान की स्थापना की जा रही है। यह संस्थान जहां पुजारियों के प्रशिक्षण सत्रो का आयोजन करेगा वही मंदिरो की समस्याओं के संदर्भ में समय-समय पर शोध करके राज्य शासन का ध्यान आकर्षित कर सकेगा। मंदिरों के प्रबंध में मंदिरो में विभिन्न प्रवृत्तियों जैसे वेद विद्यालय, आगम शालाएं, संस्कृत पाठन मंदिर सरोवरो का जीर्णोद्वार, मंदिर उद्यानो एवं मंदिर धर्म ग्रन्थालयों का विकास, मंदिर वास्तु शास्त्र आदि के लिए क्षमता निर्माण का कार्य इस संस्थान के द्वारा किया जा सकेगा। यह संस्थान धर्म शिक्षा की विभिन्न शाखाओं के लिए पाठ्यचर्याएं भी संचालित कर सकेगा। मंदिर में पूजा अर्चना एवं दर्शन की शास्त्रीय प्रथाओं के संवहन के लिए यह समय-समय पर मार्गदर्शिकाएं जारी कर सकेगा। मंदिरों की चल अचल सम्पत्ति के संरक्षण और वर्षभर के सांस्कृतिक पंचाग के अनुसार प्रदेश भर में कार्यक्रमों के आयोजन के संबंध में भी यह संस्थान कार्य कर सकेगा।
पुजारी कल्याण कोष
हालांकि अभी गत वर्ष ही पुजारियों को मिलने वाले नेमणुक की राशि हमने दुगनी की है किन्तु पुजारियों के जीवनयापन के संबंध में अभी भी बहुत सी समस्याएं बाकी है इसलिए मैंने यह तय किया है कि पुजारियों को बहुत सी आकस्मिकताओं में मदद करने के लिए धर्मस्व विभाग के अंतर्गत एक पुजारी कल्याण कोष का गठन किया जाए। इस पुजारी कल्याण कोष में शासन की तरफ से प्रारंभिक तौर पर दो करोड़ रूपए की अनुवार्षिक राशि दी जाएगी। यह कोष विभिन्न स्त्रोंतो से दान भी प्राप्त कर सकेगा। कोष का प्रबंधन और संचालन मध्यप्रदेश मंदिर प्रबंध संस्थान के द्वारा किया जाएगा।
पुस्तक का विमोचन
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ वाले गणेश मंदिर परिसर में अमरनाथ यात्रा अमरनाथ महिमा नामक धार्मिक पुस्तक का विमोचन किया।
यह धर्म पुस्तक नटेरन निवासी गंजबासौदा के रिटायर्ड पटवारी श्री महेश नारायण श्रीवास्तव द्वारा लिखी गई है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुस्तक रचियता श्री महेश नारायण श्रीवास्तव का सम्मान माला पहनाकर एवं शाल, श्रीफल भेंट कर किया।

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