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व्यापमं घोटाला: एसटीएफ की जांच पर निगरानी के लिए बनेगी एसआईटी : हाईकोर्ट

व्यापमं घोटाला: एसटीएफ की जांच पर निगरानी के लिए बनेगी एसआईटी : हाईकोर्ट

व्यापमं घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ की मॉनिटरिंग अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। हाईकोर्ट ने व्यापमं घोटाले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह समेत 6 याचिकाकर्ताओं की सुनवाई पर सुरक्षित रखे गए फैसले को बुधवार को जारी कर दिया। याचिकाकर्ताओं की सीबीआई जांच की एक प्रमुख मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।

उधर, दिग्विजय सिंह का कहना है कि वे अब सीबीआई जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। एसआईटी का अध्यक्ष कौन होगा, इसका फैसला 7 नवंबर को होगा। हाईकोर्ट ने अपने 98 पेज के फैसले में यह भी साफ कर दिया कि एसआईटी की मंजूरी के बिना एसटीएफ कोई भी जानकारी किसी को नहीं दे सकेगी।

जरूरत पड़ी तो एसआईटी अपने पास आए आवेदन या दस्तावेज (सही पाए जाने पर) को जांच में शामिल करने और चार्जशीट का हिस्सा बनाने के लिए एसटीएफ को निर्देशित भी कर सकेगी। हाईकोर्ट के इस फैसले से व्यापमं गड़बड़ी की जांच में नया मोड़ आ गया है।

उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह व अन्य याचिकाओं पर 7 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब जारी किया गया।

कोर्ट के फैसले पर राज्य सरकार के प्रवक्ता व संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा का दावा है कि दिग्विजय सीबीआई जांच समेत कई मांग कर रहे थे, उनकी किसी भी मांग को हाईकोर्ट ने नहीं माना है। जहां तक बात मॉनिटरिंग की है, तो पहले भी हाईकोर्ट मॉनिटरिंग कर रहा था, अब भी वही एसआईटी का गठन करेगा। इधर, हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि एसटीएफ की जांच सही दिशा में जा रही है, लिहाजा यह जिम्मा उससे छीनकर किसी अन्य एजेंसी को देना उचित नहीं है।

चीफ जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस आलोक अराधे की युगलपीठ ने कहा कि एसटीएफ द्वारा की जा रही जांच की प्रगति रिपोर्ट एसआईटी अपने पसंद के पैरोकार के जरिए हाईकोर्ट में पेश करेगी। अब हाईकोर्ट के किस रिटायर्ड जज को एसआईटी का अध्यक्ष बनाया जाए, इसका फैसला 7 नवंबर को होगा।

इनकी थी याचिकाएं : दिग्विजय सिंह, जबलपुर के पार्षद पंकज पांडेय, राजेश सोनकर, भोपाल में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पीसी शर्मा, ग्लेन पॉल और डॉ. कमलेश वर्मा की ओर से याचिकाएं दायर की गई हैं। इसमें व्यापमं घोटाले की जांच एसटीएफ से कराए जाने को कटघरे में रखते हुए जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को देने के लिए कहा गया था। साथ ही एक राहत यह चाही गई थी कि हाईकोर्ट इस मामले में अदालत मित्र के रूप में किसी वकील की नियुक्ति करे।

घोटाले से सुदर्शन-सोनी का लेना-देना नहीं : हाईकोर्ट ने कहा कि पीएमटी घोटाले से संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन और वर्तमान सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी का कोई लेना-देना नहीं है। इनका मामला व्यापमं की किसी अन्य परीक्षा से संबंधित हो सकता है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री और राज्यपाल के दफ्तर से जुड़े किसी व्यक्ति की संलिप्तता की चर्चा गलत है।

Source Danikbhask .com

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