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मण्डीदीप नपाध्यक्ष निकलीं करोड़ों की आसामी, लोकायुक्त ने मारा छापा

मण्डीदीप नपाध्यक्ष निकलीं करोड़ों की आसामी, लोकायुक्त ने मारा छापा

भोपाल (ब्यूरो)। मण्डीदीप नगर पालिका अध्यक्ष पूर्णिमा जैन के बुधनी और मण्डीदीप के आवास पर लोकायुक्त ने छापा मारकर करोड़ों रुपए की संपत्ति का खुलासा किया है। ज्यादातर प्रापर्टी बीते तीन साल में बनाई गई है। जैन की बढ़ती संपत्ति की शिकायत भाजपा पार्षदों ने ही करीब चार माह पहले लोकायुक्त में की थी। शिकायत की तस्दीक छापे में हुई। छापे दोनों जगहों पर बड़ी मात्रा में प्रापर्टी होने के दस्तावेज हाथ लगे हैं। जैन दंपती ने इसका मूल्य करीब तीन करोड़ रुपए बताया है। जबकि, बाजार मूल्य कहीं ज्यादा आंका जा रहा है।

विशेष स्थापना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि पूर्णिमा जैन को लेकर पार्षदों ने जब शिकायत की थी तब से एक टीम पड़ताल में जुटी थी । जब ये पुख्ता हो गया कि मामला आय से अध्ािक संपत्ति का है तो बुध्ावार को सुबह एक साथ भोपाल, मण्डीदीप और बुधनी में छापे मारे गए। भोपाल में जैन के एक रिश्तेदार के घर ऐशबाग, हाउसिंग कॉलोनी में कुछ संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज होने की बात सामने आई थी।

छापा मारने पर कुछ भी हाथ नहीं लगा और यहां कार्रवाई एक घंटे में ही सिमट गई। मण्डीदीप में टीम को पूर्णिमा जैन नहीं मिलीं। पता लगा कि वे बुधनी में है। यहां जब टीम पहुंची तो वे घर पर थीं। छापे की कार्रवाई में बुध्ानी में एक मकान, डेढ़ साल पहले पूर्व नपाध्यक्ष सुभाष पंजाबी से 65 लाख में खरीदा था, के अलावा भूखण्ड, कृषि भूमि का पता लगा।

घर पर मिली सामग्री का मूल्यांकन करीब 17 लाख किया गया। जैन को लोकायुक्त टीम मण्डीदीप अपने साथ लाई और सीज घर को खोलकर छापे की कार्रवाई की गई। यहां कई प्रापर्टी के दस्तावेज टीम के हाथ लगे। घर में मौजूद सामग्री का मूल्य साढ़े दस लाख, 265 ग्राम सोना और 700 ग्राम चांदी के आभूषण मिले हैं। टीम ने 84 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं।

नपाध्यक्ष बनने के बाद संपत्ति में इजाफा

पार्षदों ने लोकायुक्त कार्यालय में जो शिकायत की थी उसमें कहा है कि पूर्णिमा जैन की संपत्ति में इजाफा नपाध्यक्ष बनने के बाद तेजी से हुआ। लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि 2011 के पहले पूर्णिम जैन के यहां आठ एकड़ पैतृक जमीन, एक ट्रैक्टर और दो मकान थे। जैन ने स्वयं अपनी संपत्ति का मूल्य तीन करोड़ के आसपास बताया है और ये भी कहा कि संपत्ति पैतृक होने के साथ लोन लेकर बनाई गई है। जैन ने कई प्रापर्टी साले और साली के नाम पर निवेश कर रखी है।

पति ने दे दिया था नौकरी से इस्तीफा

पूर्णिमा के पति राजा भैया जैन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक थे। पूर्णिमा के अध्यक्ष बनने के बाद 2013 में सरकारी नौकरी छोड़ दी थी। बताया जा रहा है कि जैन का हस्तक्षेप पालिका के कामों में काफी रहा है। कई पार्षद इससे भी आहत थे।

कई बैंकों में खाते

जांच अधिकारियों ने बताया कि जैन परिवार के यूको, ओवरसीज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ सहकारी बैंक में खाते हैं। टीम ने बैंकों को पत्र लिखकर इनके लेन-देन पर रोक लगा दी है। साथ ही बैंकों से पूरा हिसाब-किताब मांगा है।

ये मिला

– शमनापुर में 5 एकड़

– रामनगर बुधनी 5 एकड़

– यारनगर बुधनी 25 एकड़

– मण्डीदीप में सैनिक फैक्टरी

– शमनापुर में दो वेयरहाउस

– बुधनी में एक दो मंजिला मकान

– बुधनी में 24 सौ वर्गफीट का भूखंड

– मण्डीदीप दो मकान

– मण्डीदीप में साले-साली के नाम छह फ्लेट

– स्कार्पियों सहित पांच फोर व्हीलर

– दो दोपहिया वाहन

इनका कहना है

” जांच में कई दस्तावेज मिले हैं। इसे पैतृक और लोन लेकर अर्जित किया जाना बताया जा रहा है। विस्तृत जांच के बाद वस्तृस्थिति सामने आएगी””।

source www.naidunia.com

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