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मंत्री गोपाल भार्गव बोले लघु उद्योग निगम भ्रष्टाचार का गढ़

मंत्री गोपाल भार्गव बोले लघु उद्योग निगम भ्रष्टाचार का गढ़

भोपाल (ब्यूरो)। कैबिनेट में भंडार क्रय नियमों में क्रय के लिए वित्तीय सीमाओं को बढ़ाने का प्रस्ताव आते ही कुछ मंत्रियों ने कहा कि लघु उद्योग निगम के माध्यम से होने वाली खरीदी पर रोक लगाई जाए। इसके माध्यम से खरीदे जाने वाले सामान की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है, वहीं बाजार से महंगा सामान भी मिलता है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने तो यहां तक कहा कि लघु उद्योग निगम भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुका है।

वहीं उच्च शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि भंडार क्रय नियम में वित्तीय सीमा बढ़ाने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा, उन्होंने कहा कि 5 लाख तक की सीमित निविदा को चार बार बुलाकर 20 लाख तक के सामान की खरीदी कर गड़बड़झाले के आसार बढ़ जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हस्तक्षेप के बाद भंडार क्रय नियमों के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

सरकारी प्रवक्ता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि नए नियमों के अनुसार अब कोटेशन पर 250 की जगह 15 हजार रुपए तक सरकारी खरीदी की जा सकेगी। वहीं सिंगल टेंडर से 1000 की जगह 25000 तक खरीदी होगी। विभागीय क्रय समिति के माध्यम से 15 हजार से 1 लाख और सीमित निविदा के माध्यम से 1 से 5 लाख तक की खरीदी के अधिकार होंगे। 25 हजार से अधिक पर बुलाए जाने वाले ओपन टेंडर की सीमा 5 लाख कर दी गई है। उन्होंने बताया कि 16 वर्ष बाद वित्तीय अधिकारों में बढ़ोतरी की गई है। डॉ. मिश्रा ने बताया कि नगरीय प्रशासन संचालनालय के पुनर्गठन प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

इसके चलते अब संभागीय कार्यालयों में उप संचालक की जगह संयुक्त संचालक कार्यालय बनाए जाएंगे। संचालनालय में आयुक्त और मिशन संचालक के पद पर केवल आईएएस अफसर ही पदस्थ हो सकेंगे। वहीं 3 अपर संचालक, 16 संयुक्त संचालक, 11 उप संचालक और 22 सहायक संचालक होंगे।

इसके अलावा 323 अन्य पद होंगे। भोपाल में नरेला विधानसभा क्षेत्र में बनने वाले आईटी पार्क में अंडर हिल कंपनी को जमीन देने के प्रस्ताव को एक बार फिर कैबिनेट से वापस लौटाया गया है। डॉ. मिश्रा का कहना है कि इस कंपनी में मप्र के कुछ आईटी युवाओं के निवेश को भी शामिल किया जाना है, इसलिए इस प्रस्ताव पर कुछ संशोधन कर आगामी बैठक में लाया जाएगा।

इन्टरसिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी का गठन

पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए मप्र इन्टरसिटी ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (प्राधिकरण) के गठन को मंजूरी दी गई है।

प्राधिकरण भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के बस स्टैंडों को हाईटेक बनाने के साथ-साथ प्रदेश भर के बस स्टैंडों को इंटरकनेक्ट कर बसों के रूट और उनके किराए के निर्धारण को लेकर निर्णय करेगा। सभी रूटों पर आम जनता को जरूरत के मुताबिक बसें मिल सके इसके लिए भी यह प्रयास करेगा। प्राधिकरण में एमडी पद के लिए आईएएस के एक पद सहित 16 अन्य स्तर के पदों को भी मंजूरी दी गई है।

समयमान-वेतनमान की विसंगति होगी दूर

कैबिनेट में प्रोफेसरों को समयमान-वेतनमान में उनके जूनियर अधिकारी का वेतन अधिक होने से इस विसंगति को दूर करने का प्रस्ताव लाया गया था। उक्त प्रस्ताव पर सभी मंत्रियों ने तर्क दिया कि इस तरह की विसंगतियां अन्य कॉडर में भी है। ऐसे में सभी को इसका लाभ मिलना चाहिए। कैबिनेट ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति देकर मंजूर कर दिया है। पंचायत चुनाव की आचार संहिता समाप्त होने के बाद सभी संवर्गों की इस विसंगति को दूर करने का प्रस्ताव फिर से कैबिनेट में लाया जाएगा।

अन्य निर्णय

– लोक सेवा गारंटी में संविदा पर पदस्थ 51 जिला प्रबंधक तथा 51 कार्यालय सहायक के पद को आगामी 5 वर्ष तक यथावत रखने की मंजूरी।

– एकेवीएन में इकाइयों को आवंटित भूखण्ड के लंबित मामलों में 1 अप्रैल 1999 से 1 जुलाई 2009 तक 20 प्रतिशत हस्तांतरण शुल्क मान्य।

– रजिस्ट्रार फर्म्स एवं संस्था के संभागीय कार्यालयों के लिए 27 अस्थायी पद 28 फरवरी 2015 तक निरंतर रखने का प्रस्ताव मंजूर।
– Source www.naidunia.jagran.com

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