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जबलपुर, छिंदवाड़ा के परिसीमन को मंजूरी, भोपाल व इंदौर पर फैसला जल्द

जबलपुर, छिंदवाड़ा के परिसीमन को मंजूरी, भोपाल व इंदौर पर फैसला जल्द

भोपाल. भोपाल, इंदौर, जबलपुर सहित चार बड़े शहरों में नगर निगम के चुनाव जनवरी में ही होंगे। राज्यपाल रामनरेश यादव ने गुरुवार को जबलपुर और छिंदवाड़ा के नए परिसीमन को मंजूरी दे दी है। भोपाल व इंदौर के मामले में राज्यपाल जल्द फैसला ले लेंगे। हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन शहरों में चुनाव को लेकर चल रहे गतिरोध के समाप्त होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अधिसूचना जारी कर सकता है।

हाईकोर्ट से अधिसूचना निरस्त होने के बाद बनी असमंजस की स्थिति के बीच दैनिक भास्कर ने बुधवार को समाचार प्रकाशित किया था कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और छिंदवाड़ा निगम चुनाव जनवरी में ही होंगे।

राजभवन के सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से सबसे पहले हाईकोर्ट के फैसले की प्रति के साथ जबलपुर और छिंदवाड़ा के वार्डों के परिसीमन संबंधी फाइलें राज्यपाल को भेजी गईं थी। चूंकि भोपाल और इंदौर के परिसीमन पर हाईकोर्ट के फैसले बाद में आए, इसलिए इन पर निर्णय फिलहाल लंबित रखा गया है। ऐसा माना जा रहा है कि राज्यपाल इन दोनों पर जल्दी ही मंजूरी दे देंगे। इसकी वजह यह भी है कि दिसंबर में अधिसूचना जारी हो जाती है तो वर्तमान मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव कराए जा सकते हैं।

सरकार को राहत, आयोग की परीक्षा

राज्यपाल ने इस मामले में जो पहल की है, उससे राज्य सरकार को बड़ी राहत मिली है। यदि राज्यपाल अपनी सहमति नहीं देते तो चुनाव मई तक टल सकते थे। इसका कारण साफ था कि नए वर्ष में अधिसूचना जारी होने के फलस्वरूप नई मतदाता सूची के अनुसार ही चुनाव कराने पड़ते। जिसमें चार पांच महीनों से कम का समय नहीं लगता। जबकि राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है, क्योंकि पंचायत चुनाव के साथ-साथ प्रदेश के चार बड़े शहरो में चुनाव भी आयोग को कराने पड़ेंगे।

यदि राज्य सरकार चुनाव से जुड़ी सभी औपचारिकताएं समय पर कर लेगी, तो आयोग इन चारों शहरों में चुनाव कराने दिसंबर के अंत तक अधिसूचना जारी कर सकता है । -आर परशुराम, आयुक्त, राज्य निर्वाचन आयोग

प्रक्रिया में एक माह लगेगा
राज्य सरकार छिंदवाड़ा, जबलपुर, भोपाल और इंदौर की चुनाव प्रक्रिया फिर से आरंभ करेगी। अब इन नगरीय निकायों के वार्डों के परिसीमन और वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया दोबारा होगी, जिसमें एक माह का समय लगेगा। राज्यपाल ने उस परिसीमन को मंजूरी दी है,जिसमें आसपास के गांवों को निकायों में शामिल किया गया है।

पचौरी समर्थकों को टिकट देने से नाराज मानक ने दिया इस्तीफा

नगरीय निकाय चुनावों में टिकट वितरण के बाद कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी सतह पर आ गई है। दिग्विजय सिंह समर्थक प्रदेश उपाध्यक्ष मानक अग्रवाल ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। मानक ने आरोप लगाया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष शोभा ओझा के कहने पर होशंगाबाद और इटारसी में ऐसे लोगों को टिकट दिए जा रहे हैं जिनकी हार तय है।

इस्तीफे की खबर के बाद होशंगाबाद और इटारसी के बी फॉर्म उम्मीदवारों को नहीं दिए गए। प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने मानक को चर्चा के लिए बुलाया। यादव से चर्चा के बाद भी मानक का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने यह और जोड़ दिया कि यदि इंदौर में अर्चना जायसवाल को महापौर का टिकट नहीं दिया गया तो वे पार्टी छोड़ देंगे। मानक ने कहा कि पचौरी के कारण होशंगाबाद संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस कमजोर हो गई।

मानक के इस बयान के बाद पचौरी समर्थक प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव सिंह, पूर्व महापौर सुनील सूद, नगर निगम परिषद अध्यक्ष कैलाश मिश्रा और अतुल शर्मा ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव को सौंपे ज्ञापन में मानक को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। इन नेताओं ने आरोप लगाया कि मानक हर चुनाव के समय इसी तरह बयानबाजी करते हैं और इस्तीफे की धमकी देते हैं।

पूर्व मंत्री विजय दुबे काकू भाई ने भी होशंगाबाद में पत्रकारों से चर्चा में कहा कि मानक ने इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ भी बयान दिए हैं और उन्होंने दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्रीकाल में उनका भी विरोध किया है। इस बीच किसी ने अग्रवाल के कक्ष के बाहर ‘मानक अग्रवाल दलाल है’ लिखा हुआ पोस्टर चिपका दिया, जिसे तत्काल निकलवा दिया गया।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि मानक का इस्तीफा पार्टी को नहीं मिला है।

इस्तीफा मिलने पर विचार किया जाएगा। उधर, मानक के करीबी दावा कर रहे हैं कि वे 15 नवंबर के बाद कोई बड़ा खुलासा कर सकते हैं। उधर, नरसिंहगढ़ के पूर्व विधायक धूल सिंह कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह से चर्चा के बाद मान गए हैं। उन्होंने कांग्रेस छोड़ने की खबर को गलत बताया है।

गोविंद सिंह ने दी धरने की चेतावनी

भिंड और गोहद में टिकट वितरण से नाराज विधायक डॉ. गोविंद सिंह ने भोपाल में पीसीसी के बाहर धरने की चेतावनी दी है। डॉ. सिंह ने भिंड में कहा कि पूर्व विधायक माखनलाल जाटव की हत्या के आरोपी तेजनारायण शुक्ला की बहू को नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे के कहने पर पार्षद का टिकट दिया गया है।

पीसी शर्मा का पुतला जलाया

बैरसिया नपा के टिकट वितरण से नाराज कुछ लोगों ने भोपाल टॉकीज पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पीसी शर्मा का पुतला जलाया। पुतला जलाने वाले विधायक आरिफ अकील के समर्थक बताए जाते हैं। पूर्व विधायक विनोद डागा ने बैतूल की टिकटों के बारे में यादव से चर्चा की। रायसेन से आए कार्यकर्ताओं ने नपा अध्यक्ष की टिकट को लेकर विरोध जताया।

ग्वालियर परिसीमन मामला: चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद हस्तक्षेप नहीं : कोर्ट

चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद अब उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने यह आदेश देते हुए ग्वालियर में वार्डों के परिसीमन के खिलाफ दायर याचिका गुरुवार को निरस्त कर दी। कोर्ट ने इसमें सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला भी दिया। जस्टिस एसके गंगेले व जस्टिस शील नागू की डिवीजन बेंच ने बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था।

कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में सिंगल बेंच के आदेश को सही ठहराया। परिसीमन के खिलाफ कोर्ट में याचिकाकर्ता राजेश बाबू की ओर से कहा गया कि वार्डों के परिसीमन में जनसंख्या का ध्यान नहीं रखा गया है। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ रिट अपील दायर की। कोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई के बाद उक्त याचिका खारिज कर दी।

विदिशा में परिसीमन निरस्त

विदिशा में वार्ड परिसीमन की कार्रवाई को हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुरुवार को निरस्त कर दिया। कोर्ट ने माना कि वार्ड परिसीमन में विधि प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि विदिशा में वार्डों के परिसीमन की कार्रवाई के समय, नियमानुसार दावे आपत्ति नहीं मंगाए गए थे। कोर्ट ने बुधवार को बहस के बाद उक्त याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था।

टिकट वितरण के खिलाफ 200 अपीलें

भाजपा में टिकट वितरण के विरोध में आ रहे आवेदनों की संख्या 200 तक पहुंच गई है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में आ रही इन शिकायतों को लेकर गुरुवार को अपील समिति की बैठक हुई। इसमें सांसद मेघराज जैन व कैलाश सारंग समेत चार सदस्यों ने एक-एक प्रकरण की पहले तो स्क्रूटनी की और जिलावार बांटा, फिर उसपर बात शुरू की। आवेदन इतने ज्यादा हैं कि शुक्रवार को भी बैठक जारी रहेगी। इधर, बागी मैदान से हटने का नाम नहीं ले रहे।

देवास में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी सुभाष शर्मा के खिलाफ पूर्व महापौर शरद पाचुनकर व दिलीप बांगर समझाने के बाद भी मैदान में डटे हुए हैं। उन्होंने नामांकन दाखिल कर दिया है। पाचुनकर पूर्व में भी एक बार निर्दलीय महापौर का चुनाव जीत चुके हैं।

उन्होंने नाराज होकर अपील समिति में आवेदन किया है। भाजपा ने देवास में बागियों को साधने की कवायद शुरू कर दी है। इसी तरह होशंगाबाद नगर पालिका में पार्टी प्रत्याशी अखिलेश खंडेलवाल के खिलाफ डॉ. नरेंद्र पांडे मैदान में आ गए हैं। डॉ. पांडे को भाजपा विधायक विजयपाल और पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा का समर्थन है।

होशंगाबाद में पसंद का टिकट नहीं मिलने से विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीतासरन शर्मा भी नाखुश हैं, क्योंकि अखिलेश को मधुकरराव हर्णे का करीबी माना जाता है। देवरी नगर परिषद का प्रत्याशी अनिल जैन को बनाया गया है, जो कांग्रेस से भाजपा में आए हैं। उन्हें कांग्रेस से ही भाजपा में आए व सांसद बने राव उदय प्रताप सिंह ने टिकट दिलवाया। इसे लेकर भी विरोध बढ़ रहा है। सागर में भाजपा के महापौर पद के प्रत्याशी अभय दरे के नामांकन पर चार आपत्तियां आई हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार सिंह ने इन पर सुनवाई की।

शिवराज के प्रचार के साथ चलेगा मोदी का ‘क्लीन इंडिया’

नगरीय निकाय चुनाव में प्रचार के लिए भाजपा में रोडमैप बन गया है। दतिया में पीतांबरा पीठ के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रचार अभियान की शुरुआत करेंगे। पीतांबरा पीठ में मुख्यमंत्री साफ-सफाई भी करेंगे। पूरे चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री जहां भी जाएंगे, वहां भाषण-रोड शो के साथ-साथ झाड़ू लगाई जाएगी। साथ ही लोगों से कहा जाएगा कि वे पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए जारी टोल-फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल करें।

गुरुवार को चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने प्रचार अभियान के रोडमैप के बारे में भी बताया। बैठक में उन्होंने कहा कि स्वच्छ व व्यवस्थित नगर बनाना है। इसके लिए सफाई जरूरी है। हर दिन जहां भी सभा होगी, वहां पहुंचने वाले कार्यकर्ता व बड़े नेता सफाई करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका आदर्श पेश किया है। उसका धरातल पर व्यवहारिक असर दिखना चाहिए, तभी स्वच्छ भारत की कल्पना होगी। भाजपा नुक्कड़ व जनसभाएं भी करेगी।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिहं चौहान ने कहा कि अच्छे प्रत्याशी का चयन हो जाए तो जीत का आधा रास्ता तय हो जाता है। बाकी बचा रास्ता अभी भी अब तय करना है। बैठक में प्रदेश संगठन महामंत्री अरविंद मेनन, मंत्री उमाशंकर गुप्ता व रामपाल समेत अन्य नेता मौजूद रहे। तीस सदस्यीय प्रबंधन समिति में दस लोग भी नहीं पहुंचे।

source www.dainikbhaskar.com

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