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ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म-निर्भरता से ही देश विकसित होगा

गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्म-निर्भरता से ही देश विकसित होगा। भारत ने हरित और श्चेत क्रांति देखी हैं, अब केसरिया क्रांति की जरूरत है। ऊर्जा केसरिया रंग की होती है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को ऊर्जा की समेकित नीति बनानी चाहिये।
solar-neemach-narendra-modiश्री मोदी आज नीमच जिले के ग्राम भगवानपुर (डीकेन) में देश का सबसे बड़ा सौर-ऊर्जा संयंत्र राष्ट्र को समर्पित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को देश का नम्बर एक राज्य बनाया जायेगा। समारोह में जनसम्पर्क, ऊर्जा और नवीन तथा नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री तथा जिला प्रभारी मंत्री श्री दीपक जोशी उपस्थित थे।

श्री मोदी ने मध्यप्रदेश की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बीमारू कहे जाने वाले राज्य की शक्ल-सूरत बदलकर प्रदेश ही नहीं देश की बड़ी सेवा की है। कल उन्होंने नर्मदा को क्षिप्रा से जोड़ा था, आज धरती को अम्बर से जोड़कर सौर-ऊर्जा का यह संयंत्र प्रदेश को दिया है। उन्होंने कहा कि देश में 20 हजार मेगावॉट क्षमता के ऊर्जा कारखाने बंद हैं, जिसका एक बहुत बड़ा कारण कोयला उपलब्ध नहीं होना है। यदि ऊर्जा के बारे में उदासीनता रही तो विकास के सपने पूरे नहीं होंगे। भारत को सामर्थ्यवान बनाने के लिये मिशन मोड पर काम करना होगा और नई नीतियाँ बनानी होंगी। श्री मोदी ने कहा कि विकास पर्यावरण हितैषी होना चाहिये। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों में ऊर्जा के अपार प्राकृतिक संसाधन उपलब्ध हैं। पूर्वी भारत हाइड्रो पॉवर जनरेशन के लिये स्वर्ग है। पश्चिम का समुद्री इलाका विण्ड एनर्जी के लिये और गुजरात तथा राजस्थान का समतल रेगिस्तानी क्षेत्र सौर-ऊर्जा के लिये सर्वश्रेष्ठ है। यदि इस ऊर्जा के दोहन की नीति बनती है तो न कोयले की जरूरत होगी और न पेट्रोलियम का आयात होगा। श्री मोदी ने मध्यप्रदेश में कृषि के क्षेत्र में हुई प्रगति की विशेष रूप से सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज प्रदेश के विकास के लिये ऐतिहासिक दिन है। पिछले 3 दिन में मध्यप्रदेश ने तीन महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की हैं। पहले दिन इंदौर में इंफोसिस केम्पस का शिलान्यास हुआ, दूसरे दिन नर्मदा-क्षिप्रा मिलन हुआ और आज तीसरे दिन देश का सबसे बड़ा सौर-ऊर्जा संयंत्र लोकार्पित हुआ। श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में अब बिजली की कमी नहीं है। इस समय प्रदेश में 11 हजार 600 मेगावॉट बिजली उपलब्ध है। अगले वर्ष 14 हजार और 5 वर्ष में 20 हजार मेगावॉट बिजली होगी। आने वाले समय में पवन और सौर-ऊर्जा से 2500 मेगावॉट बिजली बनाई जायेगी। दिल्ली-मुंबई इण्डस्ट्रियल कॉरीडोर से प्रदेश की तस्वीर बदलेगी। कृषि उत्पादन में प्रदेश देश में एक नम्बर पर है। गेहूँ उत्पादन में मध्यप्रदेश, पंजाब और हरियाणा को पीछे छोड़ने जा रहा है।

श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में नीतियों को बदला है। नीमच अंचल में इसबगोल की फसल खराब होने पर भी क्षतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। हाल ही में बारिश और ओले से फसलों को नुकसान होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को भरपूर राहत दी जायेगी।

श्री मोदी और श्री चौहान ने ऊर्जा संयंत्र का अवलोकन भी किया। देश के इस सबसे बड़े सौर-ऊर्जा संयंत्र की परियोजना आठ महीने के अल्प समय में पूरी की गई है। अपर मुख्य सचिव नवकरणीय ऊर्जा श्री सुधीरंजन मोहन्ती ने अतिथियों का स्वागत किया और कहा कि मध्यप्रदेश देश का नया पॉवर हाउस बन रहा है। कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य श्री रघुनंदन शर्मा, विधायक श्री ओमप्रकाश सकलेचा, श्री कैलाश चावला, श्री राजेन्द्र पाण्डेय, श्री दिलीप सिंह परिहार, श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, श्री राजेश यादव और योजना आयोग उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन भी उपस्थित थे।

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